सच का मुंह
बंद है
होठों पर रक्खी
एक उंगली बताती है
कि अब वक्त आ गया है
खामोश रहने का
इस सवाल का जवाब
अब कोई नहीं देगा
कि आखिर सच क्या है
वह जो जानता था
वह जो सच था
वह जा चुका है.....
--ताद्युश रोज़ेविच , 'न्यू पोएम्स', पोलिश से अंग्रेज़ी में अनुवाद : बिल जान्सन. (२००७)
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