Friday, April 13, 2012

सच का मुंह


सच का मुंह 
बंद है

होठों पर रक्खी
एक उंगली बताती है
कि अब वक्त आ गया है

खामोश रहने का

इस सवाल का जवाब
अब कोई नहीं देगा
कि आखिर सच क्या है

वह जो जानता था
वह जो सच था

वह जा चुका है.....

--ताद्युश रोज़ेविच , 'न्यू पोएम्स',  पोलिश से अंग्रेज़ी में अनुवाद : बिल जान्सन. (२००७) 

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