और कितनी सफाई से आभास भी नहीं होने देती
वह कितनी ज़िद्द्दी है
आपके सारे तर्क खा जाती है
और आप अपने मन में
उसकी हर झूठ अपने तर्क से छिपाना चाहते हैं
यह जानते हुए भी
कि वह झूठ बोल रही है
आप उसे सिर्फ इस बार के लिए क्षमा कर देते हैं
और एक वो है
जो सिर्फ उस एक पल का इंतज़ार करती है
जब वो आपको क्षमा न कर सके
क्यूँकि अब कोई स्त्री प्यार नहीं करती है
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