इलाहाबाद के श्याम बिहारी गौड़ का एक लोक-गीत (कजरी) मुझे बहुत पसंद हैं...श्याम बिहारी गौड़ इलाहाबाद में ही रहकर लोकगीत और नृत्य कला का एक छोटा सा ग्रुप चलाते हैं और शहर के अलग अलग हिस्सों में गाते-बजाते रहते हैं.
"सखी खेल लेहूँ आसो बर सवनबा बा,
फिर नइहर सपनवा बा ना ....
घटा घेरे घनघोर बूंदी पड़े चारू ओर,
सखी हमरा के जाए के गवनवा बा
फिर नइहर सपनवा बा ना ...."
No comments:
Post a Comment