'जफर' आदमी उसको न जानिएगा,
हो वो कैसा ही साहिबे-फहमो-जका।
जिसे ऐश में यादे - खुदा न रहा,
जिसे तैश में खौफे - खुदा न रहा।
-'जफर'
XXX
जहाँ इन्सानियत वहशत के आगे जिबह होती है,
वहां जिल्लत है दम लेना वहां बेहतर है मर जाना।
- गुलजार देहलवी
XXX
यह इन्किलाबे - दौरे - जमाना तो देखिए,
मंजिल पै वो मिले जो शरीके-सफर न थे।
- अनवर साबरी
XXX
आसमानों से फरिश्ते जो उतारे जाएं,
वह भी इस दौर में सच बोलें तो मारे जाएं
XXX
दर्द वो भी सहा है तेरे लिए मेरी किस्मत में जो लिखा भी नहीं
दिल को अब तक यक़ी न आ सका यूँ नहीं हैं के वो मिला भी नहीं
#जाहिदा_हिना Wife of JaunEliya Sb
दोस्त की बज़्म ही वो बज़्म है 'अमजद' कि जहाँ अक्ल को साथ में रखना बड़ी नादानी है
पहले सौ बार इधर उधर देखा तब तुझे डर के इक नज़र देखा -सय्यद मोहम्मद असर
मैंने तिरी बातों को कभी झूट कहा था इस जुर्म पे हर झूट को सच मान लिया है #बशीर_बद्र
इक दूर से आती है, पास आ के पलटती है । इक राह अकेली सी, रुकती है ना चलती है ।।
रोने के भी आदाब हुआ करते हैं 'फ़ानी' .. ये उस की गली है, तेरा ग़म-ख़ाना नहीं है .. #Gali #shair #Faani
बेठिकानो को ठिकाने लगाने की बात करते हो
कितने झूठे हो, हर किसी से यही कहते हो
- संजीव के झा
फ़ासलों का एहसास तब हुआ जब मैंने कहा "ठीक हूँ" और उसने मान भी लिया...
हो वो कैसा ही साहिबे-फहमो-जका।
जिसे ऐश में यादे - खुदा न रहा,
जिसे तैश में खौफे - खुदा न रहा।
-'जफर'
XXX
जहाँ इन्सानियत वहशत के आगे जिबह होती है,
वहां जिल्लत है दम लेना वहां बेहतर है मर जाना।
- गुलजार देहलवी
XXX
यह इन्किलाबे - दौरे - जमाना तो देखिए,
मंजिल पै वो मिले जो शरीके-सफर न थे।
- अनवर साबरी
XXX
आसमानों से फरिश्ते जो उतारे जाएं,
वह भी इस दौर में सच बोलें तो मारे जाएं
XXX
दर्द वो भी सहा है तेरे लिए मेरी किस्मत में जो लिखा भी नहीं
दिल को अब तक यक़ी न आ सका यूँ नहीं हैं के वो मिला भी नहीं
#जाहिदा_हिना Wife of JaunEliya Sb
दोस्त की बज़्म ही वो बज़्म है 'अमजद' कि जहाँ अक्ल को साथ में रखना बड़ी नादानी है
पहले सौ बार इधर उधर देखा तब तुझे डर के इक नज़र देखा -सय्यद मोहम्मद असर
मैंने तिरी बातों को कभी झूट कहा था इस जुर्म पे हर झूट को सच मान लिया है #बशीर_बद्र
इक दूर से आती है, पास आ के पलटती है । इक राह अकेली सी, रुकती है ना चलती है ।।
रोने के भी आदाब हुआ करते हैं 'फ़ानी' .. ये उस की गली है, तेरा ग़म-ख़ाना नहीं है .. #Gali #shair #Faani
बेठिकानो को ठिकाने लगाने की बात करते हो
कितने झूठे हो, हर किसी से यही कहते हो
- संजीव के झा
फ़ासलों का एहसास तब हुआ जब मैंने कहा "ठीक हूँ" और उसने मान भी लिया...
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