तुम सिगरेट की तरह
बहुत बाद में आई मेरी जिंदगी में
और मौत की तरह
सबसे बाद में जाओगी शायद
बहुत बाद में आई मेरी जिंदगी में
और मौत की तरह
सबसे बाद में जाओगी शायद
तुम्हारे आने के बाद
और जाने से पहले का समय
धुएँ के शहर में,
रास्ता भूला हुआ समय है
जिसकी पीठ पर कांटे
और पांवों में पर्वत उग आयें हैं
और जाने से पहले का समय
धुएँ के शहर में,
रास्ता भूला हुआ समय है
जिसकी पीठ पर कांटे
और पांवों में पर्वत उग आयें हैं
तुम्हे जिसने भी बनाया है
उस पर मुक़दमा होना चाहिए
क्योंकि उसने नहीं लिखा तुम्हारे माथे पर
“तुम्हे पीना जानलेवा हो सकता है”
जैसे लिखा होता है सिगरेट पर
उस पर मुक़दमा होना चाहिए
क्योंकि उसने नहीं लिखा तुम्हारे माथे पर
“तुम्हे पीना जानलेवा हो सकता है”
जैसे लिखा होता है सिगरेट पर
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